ग़ुरूर

ए मेरे ग़ुरूर

तुझको ग़ुरूर ए नभ है……

तो मुझको ग़ुरूर ए नब … ..

तू भी नशे में है राहुल ……

तो मैं भी पिये हुए हुँ…….

तुझको अकड़ने का शौक़ है …..

तो मुझे झुकने में मौज है……..

तू भी अपने में सिद्ध है  गर राहुल …..

तो मैं भी ज़िद पे हूँ…

Rahul

ख़्वाब

मैंने ख़्वाब देखे ख़्वाबों ने मुझको देखा ………………………….                    बस आँखे मिली और हम साथ हो लिये…..

ज़िंदगी की दौड़ में हमें, जिन साथियों ने देखा……………

ऊन साथियों ने पुछा सोए थे तुम कहाँ, कहाँ  इन ख़्वाबों को देख लिए …..

हमने कहा पता नहीं, कहाँ सोए हम राहुल………………….                बस ये पता है की इन ख़्वाबों को हम,  ईसी जीवन के साथ जी लिए ।…..राहुल