वहम है
ग़ालिब
तू किसे समझता है अपना
फ़हम
भी ग़लत है आशियाने का इक़बाल…..
अहम है
जो मानने नहीं देता
वर्ना परिंदो में
है क़ोयल भी बेशुमार……

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13 Jul 2021 Leave a comment
वहम है
ग़ालिब
तू किसे समझता है अपना
फ़हम
भी ग़लत है आशियाने का इक़बाल…..
अहम है
जो मानने नहीं देता
वर्ना परिंदो में
है क़ोयल भी बेशुमार……
